10 tips for success - 10 Tips में सफलता का पूरा ज्ञान! जीवन बदल देने वाले सिद्धांत!



1. Take your Responsibility:-

अगर आप अपनी लाइफ में कुछ करना चाहते हैं। कुछ बनना चाहते हैं। अगर आप अपनी लाइफ से खुश नहीं हैं। आपको अच्छे रिजल्ट नहीं मिल रहे हैं। तो पहली चीज़ जो आप कर सकते हैं, वह है खुद की जिम्मेदारी लेना। यह काम आपके लिए कोई नहीं करेगा, यह आपको खुद ही करना है।

हर सफल व्यक्ति ने एक दिन यह काम किया था, उसने अपनी रिस्पांसिबिलिटीज ली, खुद से कमिटमेंट की, उन्हें पूरा किया, जिस कारण वह आगे बढ़ता चला गया। असफल लोग के बहाने बनाते रहे।

मैं खुश नहीं हूं, क्योंकि मेरे दोस्त अच्छे नहीं है!
मेरी हेल्थ खराब है, क्योंकि मेरे पास समय नहीं है!
मेरा प्रमोशन नहीं हो रहा क्योंकि मेरा बॉस अच्छी नहीं है!
मेरा बिज़नेस फेल हुआ, क्योंकि कंपटीशन बहुत था!

अपनी जिंदगी की बागडोर संभाले या सारी जिंदगी रोते रहें।
अच्छे संबंध चाहते हैं, तो पहले सामने वाले को बोलने दें।
अच्छी सेहत चाहते हैं, जिम्मेदारी लें और रोजाना एक्सरसाइज करने का कमिटमेंट करें।
पढ़ाई इंप्रूव करनी है? हर दिन पढ़ने के लिए समय निकालें।
अमीर बनना चाहते हैं? सेमिनार, वर्कशॉप्स में जाएं, अमीर लोगों से सीखे।

बहाने बनाने दोष देने खुद को सही ठहराने जैसी आदतों को छोडे़। हानिकारक आदतों को छोड़कर लाभकारी आदतों को अपनाने की जिम्मेदारी लेनी होगी। अपनी 100% जिम्मेदारी लेनी होगी।

परिस्थितियां तुम्हें रोकें! उनमें इतना दम नही।
तुमने खुद को रोका है यह बात समझते क्यों नही?



2. Set your goals:-

एक दिशाहीन जहाज जल्दी समुद्र में डूब जाएगा।
मान लीजिए दो आदमी जंगल में रास्ता भटक गए हैं। एक आदमी के पास नेविगेशन सिस्टम है जिसमें उसकी डेस्टिनेशन पहले से ही सेट है, जबकि दूसरे के पास ऐसा कुछ नहीं है।
क्या लगता है! कौन वापस बाहर आ पाएगा?

लक्ष्य इंसान को रास्ते में भटकने से बचा लेते हैं।

आपके सबसे बड़े गोल्स क्या हैं? आप वास्तव में क्या चाहते हैंअभी अपने गोल्स को तय कीजिए। अपने जीवन के शीर्ष 10 लक्ष्यों को एक खाली पेपर पर लिखिए।

अगर आप असफल न होते, तो आप किस प्रकार के गोल्स सेट करते। उन सब गोल्स को पेपर पर साफ- साफ लिखिए। अब सारे गोल्स डेडलाइन दें और छोटे-छोटे भागों जैसे कि अगले 5 साल, 3 साल लक्ष्य, 1 साल, 6 महीने, एक महीने,एक हफ्ते और आज के लक्ष्यों में तोड़ दें और रोजाना इसे Measure करें।


सभी सफल लोग इसी प्रकार अपने लक्ष्यों को छोटे-छोटे भागों में तोड़ते हैं ताकि उन्हें अचीव करना आसान हो जाते हैं।
यह क्रिया आपको भटकने नही देगी और जल्दी आप अपने लक्ष्यों को हासिल करेगें।




3. Be Optimist:- 

एक सर्वे बताता है कि ऑप्टिमिस्टिक व्यक्ति की सफल होने की संभावनाएं 4 गुना बढ़ जाती हैं। खुशखबरी! यह है कि आशावादी बनना सीखा जा सकता है। भले ही आप आशावादी नहीं है, लेकिन आप खुद को आशावादी बना सकते हैं।

ऑप्टिमिस्टिक व्यक्तियों में कुछ क्वालिटी होती हैं। जो उन्हें भीड़ से अलग करती है  जैसे कि-


1.ऑप्टिमिस्टिक व्यक्ति बड़े लक्ष्य बनाते है और उन्हे पाने के लिए लड़ते है।

2.वे गलतियां करने से नहीं घबराते। वे जानते हैं कि यह सब जीवन का हिस्सा हैं वह अपनी और दूसरों की गलतियों से सीखते हैं।

3.जिस रास्ते को दूसरे लोग कठिनाईयां से भरा देखते हैं वह उसे अवसर के एक नए मार्ग के रूप में देखते हैं।

4.वह हमेशा चीज़ों को सकारात्मक नजरिए से देखते है।

5.अपना भविष्य उज्जवल और चुनौतियों से भरा  देखते हैं।

6.वह कभी खुद को या फिर किसी दूसरे व्यक्ति को दोष नहीं देता बल्कि अपनी जिम्मेदारी लेता है।

दुनिया चाहे जो कहें! लेकिन आप आशावादी बन सकते हैं।

विश्वास कीजिए! आप आशावादी बन सकते हैं।
निराशा के दलदल से निकलकर, सफलता का मार्ग चुनिए। ऑप्टिमिस्ट बनिए।




4. Surrounded yourself with successful people.

आयुष होटल में खो जाता है और गलती से किसी दूसरे कमरे में घुस जाता है। वहां कई दोस्त आपस में बातें कर रहे होते हैं।

पहला दोस्त कहने लगा, जानते हो! जब मैं तुम सबसे पहली बार मिला था, तो मैं एक डरपोक शारीरिक रूप से कमजोर दिखाई पड़ने वाला व्यक्ति था। मुझमें आत्मविश्वास की कमी थी। मेरे सारे मित्र हमेशा मेरा मज़ाक उड़ाते रहते थे। मुझे इस बात पर भी शक था कि मैं कभी सफल हो पाऊंगा या नहीं! 

लेकिन जब मैं आप सबसे मिला मेरा जीवन परिवर्तित होना शुरू हो गया। 

मैंने आप लोगों से बहुत सी बातें सीखीं जो एक सफल जीवन जीने के लिए जरूरी हैं। अगर मैं आप सबसे न मिला होता तो शायद मैं आज इतना सफल न बन पाता। मेरे दोस्तों मुझे सफल बनाने में आप सबका बहुत बड़ा हाथ है। मैं आप सबको दिल से धन्यवाद देता हूं।


यह सब देखकर आयुष आश्चर्यचकित हो गया। उसने फैसला किया कि आज से केवल उन्हीं लोगों के साथ रहेगा जो उसकी सफल बनने में सहायता करेंगे। वह ऐसे व्यक्तियों को खोजेंगा जो उसी की तरह सफल होना चाहते हैं। 


आप किन लोगों में उठते-बैठते हैं! क्या वे सकारात्मक है क्या उनके पास होने पर आप पॉजिटिव और ऊर्जावान महसूस करते हैं‌? क्या आपके मित्र आपको प्रेरित करते हैं? अपने मित्र पर गौर कीजिए। क्या आप उन्हें आने वाले 10 सालों में एक सफल व्यक्ति के रूप में देख पाएंगे? अगर जवाब है हां! तो आप सही लोगों की संगत में है अगर जवाब न! तो शायद आपको अपने मित्रों को बदलने की जरूरत है।


हम जिन लोगों के साथ रहते हैं, उन्हीं के जैसे बन जाते हैं!

असफल लोगों के ग्रुप से बाहर आइए सफल लोगों के ग्रुप में जानें निर्णय लीजिए।




5.Never Give-up:-

आप तब तक नहीं हारते जब तक आप मैदान न छोड़ दे!
एक निराशाजनक सत्य यह है कि अधिकतर लोग उस समय मैदान छोड़ देते हैं जब सफलता उनसे केवल दो-कदम दूर होती है।

शुरू में! आप स्ट्रगल करेंगे। आप गिरेंगे। आप सीखेंगे। और एक दिन आप ज़रुर जीतेंगे। हार! कभी न माने। बीच में मैदान छोड़कर न भागे। आप सीख रहे हैं। आप आगे जा रहे हैं। हर हार आपको जीत की ओर ले जा रहे हैं। बेशक अगर आप उससे सीख रहे हैं। हर सफल व्यक्ति ने संघर्ष किया है।


kfc के संस्थापक कर्नल सैंडर्स को 1,009 बार न सुनने के बाद अपना पहला ऑर्डर मिला। थाॅमस एडिसन 10,000 कोशिशों के बाद बल्ब बनाने में सफल हुए


जे.के. रॉलिंग के Novels कितनी बार रिजेक्ट किया गया।बार-बार सफलता के लिए संघर्ष करने के बाद वह सफल हुईं।और दुनिया के सबसे पॉपुलर नोवल्स हैरी पॉटर की लेखिका है जिसकी कुल मिलाकर 500 मिलियन कॉपियां दुनिया भर में बिक चुकी हैं। उनके नोवल्स के ऊपर बनी फिल्में कुल मिलाकर 7.7 बिलियन डॉलर (536 अरबों) की कमाई कर चुकी है।


याद रखिए आप तब हारते हैं जब आप मैदान छोड़ देते हैं।

“जो व्यक्ति हार मानने को तैयार नहीं है उसे भला कौन हरा सकता है।”





6. Continuous & Never Ending Improvement:-

दो व्यक्ति हैं रमेश और सुरेश दोनों ने साथ पढ़ाई की। समान पाज़ीशन और सैलरी पर जॉब कर रहे हैं।
रमेश अपनी जॉब से खुश है और उसे लगता है कि उसकी लाइफ अब सेट हो चुकी है और अब तो जिंदगी भर उसे मजे ही करने हैं। इसलिए वह अपनी लाइफ ऐसे ही लापरवाही से बिताने लगता है।

दूसरी तरफ सुरेश अपनी लाइफ से खुश है और थोड़ा एक्साइटिड भी उसे लगता है कि अभी बहुत कुछ करना है लाइफ में! कितना कुछ सीखने को है! नए एक्सपीरियंस और एडवेंचर्स उसका इंतजार कर रहे हैं! इसलिए वह जॉब के बाद दोस्तों के साथ टाइम पास करने या फिज़ूल की बातें करना छोड़ कर, खुद को Physically, Mentally, और Spiritually improve करने पर मेहनत करता है। वह अच्छी किताबें पड़ता है। रोजाना एक्सरसाइज करता है। इनकम बढ़ाने के रास्ते खोजता है या फिर खाली टाइम में खुद को Observe करता है वह खुद को Read करता है और अपने रोजाना के पेटर्न्स पर ध्यान देता है।


10 साल बाज रमेश और सुरेश जो आज लगभग स्तर पर है एक दूसरे से बहुत दूर निकल चुके होंगे।

रमेश लगातार इंप्रूव करते-करते अपनी फील्ड का मास्टर बन चुका होगा और सुरेश से कई गुना अधिक पैसे कमा रहा होगा। अपनी हेल्थ पर ही लगातार काम करने से रमेश ऊर्जावान और जबरदस्त शरीर का मालिक बन चुका होगा।
अच्छी किताबें पढ़ने से उसकी पर्सनैलिटी शानदार हो चुकी होगी।
दूसरी और सुरेश अब भी औसत दर्जे का जीवन बिता रहा होगा और शायद ही अपनी लाइफ से खुश हो।

यही होता है लगातार इंप्रूव करने का पावर (The power of continuous Improvement).

अभी से स्वयं से यह वादा करें, कि आप स्वयं को इस सिद्धांत के प्रति समर्पित करेंगे।




7. Build a Successful Self-Image:-

मान लेते हैं आप गाड़ी चलाने की कोशिश कर रहे हैं
आप बहुत प्रयास करते हैं, लेकिन गाड़ी नहीं चलती।आप एक्सेलेटर दबाते हैं, लेकिन गाड़ी अब भी आगे नहीं बढ़ती। आप पूरा एक्सेलेटर दबा देते हैं लेकिन गाड़ी अभी आगे नहीं बढ़ती। आप सब कुछ चेक करते हैं, आपको कहीं पर कोई खराबी नहीं मिलती। आप चिल्ला पकड़ते हैं खटारा गाड़ी। गाड़ी इसलिए बढ़ रही क्योंकि आपने कसकर ब्रेक लगाए होते हैं। 

आपकी लाख कोशिशों के बावजूद गाड़ी तब तक नहीं चल पाएगी जब तक आप ब्रेक से पैर नहीं हटाएंगे। आपकी आत्मछवि भी इसी प्रकार कार्य करती है यदि आपकी आत्म छवि नकारात्मक व्यक्ति की होगी । बहुत प्रयासों के बाद भी   लोग अपने गोल्स को अचीव नहीं कर पाते। इसका कारण यह है कि उनके द्वारा बनाए गए लक्ष्य उनकी आत्छमवि से मेल नहीं खाते। आप इससे बच नहीं सकते आप तो बस इसकी डायरेक्शन को मोड़ सकते हैं। इसका प्रयोग कीजिए।


खुद को एक सफल व्यक्ति के रूप में देखिए एक सफल व्यक्ति की आत्मा छवि विकसित कीजिए। यदि आपकी आत्मा की सफल व्यक्ति की है तो आपके लिए सफलता पहले से आसान हो जाएगी।





8. Now! Now ! Now!

एक कड़वा सच!
जीवन इतनी जल्दी गुजरेगा।
लगेगा जैसे कल ही जन्म लिया हो।

एक मात्र समय जिसमें आप कुछ कर सकते हैं अभी है।
केवल आज केवल यही समय!

हालात आदर्श होने का इंतजार न करें।

सही समय का इंतजार न करें।
कल का इंतजार न करें।

ये चीजें कभी नहीं आएंगीं।

ये चीजें कभी नहीं आएंगीं! 

अभी शुरू करें। जहां है वहां से शुरू करें। जिस स्थिति में हो वहीं से शुरू करें। बस शुरू कर दें।


समय का इंतजार करना मूर्खता कहलाती है।

समय को बर्बाद करना नादानी कहलाती है।
समय का सही प्रयोग करना समझदारी कहलाती है।

हजारों लोग यह सोचकर आज रात को बिस्तर पर जाएंगे कि कल उन्हें बहुत से काम पूरे करने हैं। लेकिन वह कल का सूरज नहीं देख पाएंगे। हमसे बेहद अच्छे लोग कल तक इस दुनिया में थे लेकिन आज वह यहां नहीं है। यह बताता है कि आप जितना समय सोच रहे हैं वास्तव में आपके पास उससे भी कम समय है। इंतजार मत कीजिए।भविष्य बनाने का समय अभी है। एक्शन लेने का समय अभी है। 

बहानों को न कहिए लक्ष्यों को हां कहिए 

शुरू कीजिए बस शुरू कर डालिए। करोड़ों लोग लाइफ में कुछ नहीं कर पाते क्योंकि वह सही समय आने का इंतजार करते हैं। 

लोग सोचते हैं कि एक दिन ऐसा आएगा जब मेरी लाइफ की सारी प्रॉब्लम्स खत्म हो जाएंगी। मैं अमीर बन चुका हूंगा। मेरी हेल्प अच्छी होगी । मेरा बिजनेस आसमान छू रहा होगा आदि। ऐसी बहुत सारी बातें लोगों के मन में चलती हैं। 

पर क्या सचमुच ऐसा होगा? 

आपको अपने ड्रीम्स पर काम करना होगा।

आपको अपनी कहानी खुद लिखनी होगी।






9.Build Self-Discipline:-

अपने आसपास के इंसेक्ट्स को देखिए मधुमक्खी के छत्ते पर ध्यान दीजिए। नार्मल लोग बस इसमें शहद देखेंगे लेकिन उसमें शहद से बढ़कर एक और महत्वपूर्ण चीज है, जिससे यह छत्ता बना है वह है मधुमक्खियों का अनुशासन! इसके बगैर शायद ही छत्ता बन पाता। 

एक चींटी जब दाना लेकर पहाड़ पर चलती है तो उसको रास्ते में बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है वह फिसलकर नीचे आ जाती है। लेकिन एक बार फिर कुछ कोशिश करती है। फिर से फिसलती है, फिर चढती है। बार बार यही सब होता रहता है। लेकिन अंत में चींटी अपनी मंजिल तक पहुंच जाती है। 



आपको भी इसी प्रकार का अनुशासन अपनाना है। आपके रास्ते में भी रुकावटे आएंगी (चींटी की तरह) आपको कई बार ठोकर खाएंगे। आप कई बार गिरेंगे। लेकिन अब आप चींटी से सीख ले चुके हैं आप फिर से कोशिश करेंगे अनुशासन में रहेंगे और 

अंत में जीत! आपकी होगी।
अंत में मंजिल! आपकी होगी।
अंत में सफलता! आपकी होगी।





10.An Attitude of Gratitude:-

आपको प्रकृति से मैं बहुत सी चीजें मुफ्त में मिली हैं। जैसे कि हमारे शरीर, सांस लेने के लिए हवा, पीने के लिए पानी, अच्छी सेहत आदि और कुछ चीजों को पाने के लिए आप और हमने प्रयास किए हैं जैसे कि अपना घर,अच्छी जॉब, दौलत, नाम, अच्छे संबंध आदि।

चाहे जो भी आपके पास हो, उसके लिए एहसानमंद रहना आपसे कई नकारात्मक आदतों को बाहर निकालकर आपके जीवन को शांतिपूर्ण बनाएगा। प्रकृति का नियम है जो कृतज्ञ रहता है उससे अधिक प्रदान किया जाता है

आपको शरीर, आपकी फैमिली आपके दोस्त सब बेशकीमती हैं। इनके लिए कृतज्ञ रहें। सांस लेने के लिए ऑक्सीजन आपको मुफ्त प्रदान की गई है। इसके लिए कृतज्ञ रहें।

एक छोटा लड़का अपनी व्हीलचेयर पर बैठी हुई मां की गोद में गेंद फेंकता है, और कहता है Come on! Mom. Kick them! यह सुनकर वह रोने लगती है इतने में लडका ज़ोर से कहता है। “आपके पैर नहीं है तो क्या हुआ! हाथों से बाॅल फेंकें।”


हमारे पास कितना कुछ है जिस पर हम ध्यान नहीं देते और जो नहीं है उसके बारे में सोच कर दुखी होते रहते हैं। आज जो हमारे पास है उसे देखने के बजाय, जो नहीं है! उसके बारे में चिंता करते हैं।


कृतज्ञता, वह प्रकाश है जो हमारे भीतर गहरी आत्मशांति, खुशी और संतुष्टि का भाव पैदा करती है। मन शांत हो जाता है। हर रोज़ God को थैंक्स दीजिए।

स्वस्थ शरीर देने के लिए, थैंक्स!
रास्ता दिखाने के लिए, थैंक्स!
अच्छा परिवार/पति/पत्नी/बच्चों के लिए शुक्रिया!
अच्छे दोस्त देने के लिए, थैंक्स!
घर,गाड़ी, _______ के लिए, थैंक्स!

हर रोज़ prayer के दौरान शुक्रिया कहिए। इससे आपके लाइफ की बहुत सी नकारात्मक आदतें खुद-ब-खुद समाप्त हो जाएंगी और आपको जीवन की सच्ची संतुष्टि का एहसास होगा। जो कृतज्ञ रहता है उससे अधिक प्रदान किया जाता है। हमेशा कृतज्ञ रहिए!




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